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बिजली कनेक्शन के नाम पर धोखाधड़ी का निराकरण नही होने पर पीड़ित ने फिर कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार,

देवास। जिले के कन्नौद निवासी विजय शुक्ला ने विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं एक ठेकेदार पर गंभीर आर्थिक शोषण, धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए पुनः जनसुनवाई में आवेदन देकर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक उसकी समस्या का निराकरण नहीं किया गया है।

       उद्योगपति विजय कुमार शुक्ला के अनुसार, उन्होंने 02 दिसंबर 2025 को बिजली कनेक्शन के नाम पर हुई कथित धोखाधड़ी की पहली शिकायत दर्ज कराई थी। जब उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो 07 दिसंबर 2025 को दोबारा शिकायत की गई। इसके बाद भी समाधान न होने पर 06 जनवरी 2026 को स्मरण पत्र प्रस्तुत किया गया, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्युत विभाग के एक सहायक यंत्री द्वारा उनसे ₹11,874 सुपरविजन चार्ज और ₹9,400 कनेक्शन शिफ्टिंग शुल्क अतिरिक्त रूप से जमा करवाए गए। इसके बाद कनेक्शन जोड़ने के पश्चात कथित रूप से जूनियर इंजीनियर (जेई) द्वारा दोबारा कनेक्शन कटवा दिया गया। विजय शुक्ला का कहना है कि कनेक्शन के लिए “डबल शुल्क” जमा करने के बावजूद आज तक लाइन चालू नहीं की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार पहले ही उनसे ₹1,10,000 की ठगी कर चुका है। मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब शिकायतकर्ता के अनुसार ठेकेदार ने उन्हें कथित रूप से धमकी दी। शुक्ला का दावा है कि उनसे कहा गया कि “शिकायतों से कुछ नहीं बिगड़ेगा” और कनेक्शन चालू करवाने के लिए ₹50,000 अतिरिक्त देने तथा लिखित राजीनामा करने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बार-बार कनेक्शन जोड़ना और काटना विभागीय शक्ति के दुरुपयोग को दर्शाता है। उन्होंने कनेक्शन जोड़े जाने और फिर काटे जाने से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां तथा पूर्व शिकायतों की प्रतिलिपियां भी संलग्न करने की बात कही है। पीड़ित की शिकायत सुनने के बाद जिलाधीश ने शीघ्र ही निराकरण का आश्वासन दिया है।

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