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देवास पूर्व में बेची गई कृषि भूमि को दोबारा बेचकर लाखों की धोखाधड़ी, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

देवास। षड्यंत्र पूर्वक धोखाधड़ी पूर्वक पूर्व में बेची गई कृषि भूमि को दोबारा बेचकर लाखों रूपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह घटना एबी रोड क्षिप्रा जिला देवास देवास निवासी हैदर अली पिता शकूर खां के साथ हुई। पीड़ित ने मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन देते हुए बताया कि उनसे कृषि भूमि बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित ने बताया कि श्यामुबाई गौड़, उनके पति शंकरलाल गौड़ एवं धर्मेंद्र पिता जगदीश गौड़ निवासी ग्राम कालूखेड़ी ने देवास जिले के ग्राम बिलावली स्थित सर्वे नंबर 40/2 की 3.525 हेक्टेयर भूमि बेचने का सौदा तय किया था। उक्त भूमि का बाजार मूल्य 3,59,18,080 रुपये बताया गया था, जिसमें दोनों पक्षों में 80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। सौदे की शेष राशि 4 जनवरी 2024 तक या इसके पूर्व प्राप्त करके क्रेता विक्रेता के हित में विक्रय विलेख पत्र सम्पादित कर देगा।  हैदर अली के अनुसार उन्होंने 8 जून 2023 से लेकर 15 अगस्त 2023 के बीच कई किश्तों में कुल 80 लाख रुपये श्यामुबाई गौड़ एवं उनके परिवारजनों को चेक और नकद के रूप में भुगतान किए। लेकिन जब सौदा पूरा करने और विक्रय विलेख (रजिस्ट्री) की बात आई, तो आरोपी पक्ष बहाने बनाने लगे। दो माह बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। जब पीडित हेदर अली ने दोबारा दबाव डाला तो आरोपी पक्ष ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी बताया कि हेदर अली को बाद में जानकारी मिली कि जिस भूमि का सौदा उनसे किया गया था, वह पहले ही अजित पिता स्व. जोधाराम लखवानी के आम मुख्तियारनामा कर दी गई थी और इसके बाद मालवांचल कलेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड के मालिक रोहित पटेल के नाम रजिस्ट्री भी कर दी गई। पीडि़त ने बताया कि जब उन्होंने पुन: अपने रुपये वापस मांगने के लिए कहा तो दो चेक (40-40 लाख रुपये के) दिए गए, जो बाद में बाउंस हो गए। इसके बाद भी आरोपी पक्ष ने धमकियां देना जारी रखा। इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत पीडि़त द्वारा 22 मई 2024 को थाना प्रभारी बीएनपी एवं पुलिस अधीक्षक देवास को भी दी गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हेडर अली ने जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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