वन विभाग की कार्रवाई पर किसान के गंभीर आरोप, 12 बीघा फसल नुकसान का दावा

देवास। बागली तहसील के कमलापुर रेंज के ग्राम करौंदिया बुरानिया बिट में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। किसान गोवर्धन पिता गब्बूलाल चौहान ने आरोप लगाया है कि उनका परिवार पिछले करीब 25 वर्षों से संबंधित भूमि पर खेती कर रहा है, लेकिन गांव के कुछ लोगों की शिकायत के बाद केवल उन्हें ही निशाना बनाया गया।
किसान के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान उनकी करीब 12 बीघा में लगी सोयाबीन, तुअर और मूंगफली की फसल के साथ खेत की बाड़ को भी नुकसान पहुंचाया। उनका आरोप है कि कार्रवाई में निजी जेसीबी का इस्तेमाल किया गया।

गोवर्धन चौहान का कहना है कि गांव में अन्य स्थानों पर भी वन भूमि से जुड़े विवाद या कथित अतिक्रमण हैं, लेकिन वहां इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसे चयनात्मक कार्रवाई बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

किसान ने दावा किया कि उनके पास घटना से संबंधित फोटो, वीडियो और वन अपराध प्रकरण के दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिन्हें वे जांच के दौरान प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कलेक्टर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ), वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) और मध्यप्रदेश शासन से फसल नुकसान का आकलन कराने, कार्रवाई की वैधानिकता की जांच करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।














