देवास गृह तहसील में पटवारियों की नियुक्ति पर उठे सवाल, नियमों का उल्लंघन,

देवास। पटवारियों की नियुक्ति को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद कई पटवारियों की पदस्थापना उनके गृह तहसील में ही की गई है, जो कि नियमों के विरुद्ध है। नियम का उल्लंघन की गई पटवारियों की नियुक्ति को लेकर अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ठाकुर, जिला सह सचिव अभिभाषक संघ देवास उत्तम सिंह कुमावत, जितेंद्र सिंह रावत एवं अन्य अधिवक्ताओ ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया है।
मध्य प्रदेश के राजपत्र, दिनांक 23 अक्टूबर 2020, अध्याय-1 की कंडिका-3 के अनुसार यह स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि “किसी भी चयनित उम्मीदवार पटवारी की पदस्थापना उसके गृह तहसील में नहीं की जाएगी।” इसके बावजूद, देवास तहसील में कई ऐसे पटवारी कार्यरत हैं जो इसी तहसील के स्थायी निवासी हैं।
इस नियम उल्लंघन को लेकर संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि यह न केवल स्थानांतरण नीति 2025 की अवहेलना है, बल्कि राज्य शासन द्वारा पारित राजपत्र के नियमों का उल्लंघन कर अपराध की श्रेणी में आता है। आयुक्त भू-अभिलेख, मध्य प्रदेश द्वारा 26 मई 2025 को जारी आदेश के तहत, सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल की स्थानांतरण नीति 2025 की कंडिका 5 और पटवारी संविलियन नीति 2025 की कंडिका 5.2 का पालन करते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्यवाही की माँग की गई है।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है या यह मुद्दा भी फाइलों में दब कर रह जाएगा। इस दौरान लखन सिंह राजपूत, अधिवक्ता पूनम चंद्र राठौर आदि उपस्थित थे।














