मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा-रोजगार सहायक पर निजी कुएं के नाम पर लाखों की हेराफेरी का आरोप

देवास। जनपद पंचायत बागली अंतर्गत ग्राम पंचायत फांगटी, तहसील हाटपिपलिया में मनरेगा योजना के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक जितेंद्र सिंह सेंधव पर स्वयं के निजी लाभ के लिए मनरेगा राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2024-25 में मनरेगा अंतर्गत कूप निर्माण कार्य अपने ही भतीजे सचिन पिता नरेंद्र सिंह सेंधव के नाम से स्वीकृत कराया गया। आरोप है कि संबंधित कार्य अन्य पंचायत की भूमि पर कराया गया, जबकि भुगतान उस पंचायत से किया गया जहां रोजगार सहायक पदस्थ था। उक्त कार्य का वर्क कोड 1720005022/आईएफ/22012035300690 बताया गया है। शिकायत में उल्लेख है कि जॉब कार्ड के माध्यम से मजदूरी मद में लगभग 1,63,242 रुपये की राशि फर्जी तरीके से आहरित की गई। साथ ही यह भी आरोप है कि कूप निर्माण की स्वीकृत राशि 3.50 लाख रुपये से अधिक करवाई गई, किंतु कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले की शिकायत 18 नवंबर को सीएम हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई गई थी, परंतु अब तक न तो किसी प्रकार की जांच प्रारंभ की गई है और न ही कोई कार्रवाई की गई है। आरोप यह भी है कि जनपद स्तर के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा संभव हुआ है।
शिकायतकर्ता ने जनपद पंचायत बागली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजू मेडा को भी इस संबंध में अवगत कराया, किंतु उनके स्तर से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में कथित अनियमितता ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करता है या नहीं।


















