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कलेक्टर के आदेश के बावजूद दो माह से नहीं हुआ नामांतरण, पीड़ित ने जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार,

देवास। ग्राम बरौठा निवासी मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर से मिलकर अपनी निजी भूमि के नामांतरण मामले में न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित का आरोप है कि कलेक्टर न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए जाने और 15 दिवस में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय एसडीएम कार्यालय द्वारा करीब दो माह बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया है। मनीष सिसोदिया ने बताया कि उनकी कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 118/1 रकबा 0.3320 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है। इसके बावजूद राजस्व अधिकारियों द्वारा कथित रूप से बिना सूचना दिए भूमि का नामांतरण अन्य व्यक्तियों के नाम पर कर दिया गया। मामले की शिकायत कलेक्टर न्यायालय में किए जाने पर जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मूल आदेश भूमि सर्वे क्रमांक 118/2 से संबंधित था, लेकिन तत्कालीन नायब तहसीलदार द्वारा कथित त्रुटिपूर्ण तरीके से सर्वे क्रमांक 118/1 पर अमल आदेश पारित कर दिया गया। कलेक्टर न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए नायब तहसीलदार टप्पा बरौठा के आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी तथा विभागीय जांच के निर्देश भी जारी किए थे। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवास को 15 दिवस के भीतर जांच कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे। पीड़ित का कहना है कि आदेश जारी होने के बाद भी अब तक उनकी भूमि का नामांतरण पुनः उनके नाम पर नहीं किया गया है। उन्होंने जनसुनवाई में कलेक्टर को बताया कि मामला विचाराधीन होने के दौरान भी उन्हें कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई थी और राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीएम से दूरभाष पर चर्चा की तथा न्यायालयीन आदेश के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई कर नामांतरण प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा उनकी भूमि को पुनः उनके नाम दर्ज करने की मांग की है।

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