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स्वरोजगार के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, महिलाओं ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

देवास। जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र की कई महिलाओं एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक संस्था के संचालक पर स्वरोजगार और घरेलू उद्योग के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आलू चिप्स निर्माण व्यवसाय का झांसा देकर मशीनें बेची गईं, तैयार माल लिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। साथ ही राशि मांगने पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता हिरालाल मालवीय निवासी चौबारधीरा, सीमा खेलवाल निवासी ग्राम पाडल्या, रचना सेंधव निवासी ग्राम सेकली एवं बसकन्या मालवीय निवासी ग्राम पाडल्या ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि करवट वेलफेयर सोसायटी के संचालक दीपराज यादव द्वारा गांवों में स्वरोजगार योजना का प्रचार-प्रसार किया गया। महिलाओं को बताया गया कि 50 हजार रुपए में आलू चिप्स बनाने की मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, कच्चा माल भी संस्था देगी तथा तैयार माल को 800 रुपए प्रति बोरी की दर से खरीदा जाएगा। आवेदन के अनुसार शिकायतकर्ताओं ने संस्था की बातों पर विश्वास कर मशीनें खरीदीं और बड़ी मात्रा में चिप्स तैयार किए। आरोप है कि करीब 150 बोरी माल संस्था के प्रतिनिधि ले गए और पांच दिन में भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक राशि नहीं दी गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके द्वारा तैयार किए गए माल की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपए से अधिक है। पीड़ितों ने बताया कि चिप्स निर्माण कार्य में स्थानीय महिलाओं को मजदूरी पर लगाया गया था, लेकिन भुगतान नहीं मिलने के कारण मजदूरी की राशि भी नहीं दी जा सकी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है और मजदूर महिलाएं लगातार भुगतान की मांग कर रही हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब भुगतान की मांग की गई तो संस्था संचालक द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़ितों का कहना है कि बाद में जानकारी मिली कि टोंकखुर्द क्षेत्र की कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की गई है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि बाजार में उक्त मशीन की वास्तविक कीमत 10 से 12 हजार रुपए के बीच है, जबकि उनसे 50 हजार रुपए वसूले गए। पीड़ितों ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी बकाया राशि दिलाने की मांग की है।

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