ग्राम तुमडावदा में अनुसूचित जाति के लोगों पर जानलेवा हमला, जातिसूचक गालियों से अपमान

– तलवार से उंगली काटी, महिलाओं से अभद्रता, आरोपी खुलेआम घूमते हुए दे रहे धमकियां
देवास। जिले के ग्राम तुमडावदा तहसील में अनुसूचित जाति के लोगों पर दबंगों द्वारा किए गए बर्बर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। जिसको लेकर पीड़ित परिवार की महिलाएं व रिश्तेदार, समाजजनों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे। पीड़ित परिजनों ने आवेदन में बताया कि दिनांक 11 दिसंबर 2025 को ग्राम निवासी संजय परमार पिता तेजकरण परमार एवं अन्य अनुसूचित जाति के लोगों के साथ आम रास्ते से निकलने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हमले में बदल गया। पीड़ितों के अनुसार, शिवनारायण जायसवाल, बंटी जायसवाल सहित अन्य आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए न केवल गाली-गलौज की, बल्कि महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि प्रति प्रार्थी शराब माफिया हैं और उन्होंने अपने गुर्गों को बुलाकर अनुसूचित जाति के परिवारों पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं, वहीं एक व्यक्ति की तलवार से उंगली पूरी तरह काट दी गई। इसके अलावा दो अन्य लोगों पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित पक्ष ने घटना की सूचना संबंधित थाने में दी, इसके बावजूद आरोपी अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इतना कुछ होने के बाद भी घटना के दूसरे दिन 12 दिसम्बर को आरोपियों ने पीड़ित परिवार के भाई व भाभी को रोककर गालिया देकर जातिसूचक शब्द कहे। साथ ही बार-बार निकलने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उपस्थित दरियाव सिंह मालवीय, हीरो सोलंकी, जय कुमार चौहान, विक्की मालवीय, रूपेश बामनिया, पीडित परिवार के भावना परमार, सविता परिवार, रीना परमार, ममता परमार, सिद्धू परमार, सत्यम परमार, कन्हैयालाल परमार, बनेसिंह परमार, चेतन परमार, राधेश्याम परमार, सतीष परमार, योगेश् परमार, हीरजी सहित समस्त संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन देकर आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्यवाही की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पीडि़त परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आरोपियों सहित शासन-प्रशासन की होगी।














