शिक्षा विभाग की लापरवाही, शिक्षक पर केस दर्ज होने के बावजूद अब तक नहीं हुई कार्रवाई,
देवास। जिले की ग्राम पंचायत महिगांव (बडछापरा) के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ एक शासकीय शिक्षक पर गाली-गलौज और मानसिक प्रताडऩा के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग ने अब तक किसी भी प्रकार की विभागीय कार्यवाही नहीं की है।
शिकायतकर्ता राजेश राठौड़ ने बताया कि शिक्षक दिनेश जायसवाल, जो पिछले लगभग 20 से 25 वर्षों से महिगांव (बडछापरा) के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ हैं, ने मोबाइल फोन पर उन्हें और उनके परिवार को अभद्र भाषा में गालियाँ दीं। इतना ही नहीं, उन्होंने शिकायतकर्ता की विकलांगता को लेकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और धमकी भी दी। राजेश राठौड़ ने इस घटना की लिखित शिकायत कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों से की थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी हरिसिंह भारतीय को जाँच कर कार्यवाही हेतु आदेशित किया था। शिक्षा विभाग ने कलेक्टर के आदेश की अव्हेलना करते हुए आज तक उचित कार्यवाही नही की। हालांकि, शिकायत दर्ज हुए लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोपी शिक्षक अब भी विद्यालय में पदस्थ होकर कार्यरत हैं, जिससे शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। राजेश राठौड़ ने कहा कि पुलिस ने तो कार्रवाई कर दी, लेकिन शिक्षा विभाग चुप है। एक सरकारी शिक्षक द्वारा विकलांग व्यक्ति को गालियाँ देना और धमकाना बेहद शर्मनाक है। यदि शीघ्र ही जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मैं मुख्यमंत्री से भोपाल जाकर सीधे शिकायत करूंगा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह के मामलों में विभागीय उदासीनता से शिक्षा व्यवस्था की छवि धूमिल हो रही है। लोगों ने मांग की है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल निलंबन या विभागीय जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।















