अपना जिलाक्राइमख़बरे जरा हटकेदेश-विदेशपुलिस प्रशासनप्रदेशस्पोर्ट्स

अपनी 7 वर्षीय बेटी के लिए दर-दर भटक रहा पिता, पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप,

आरोप: पुलिस ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को 700 किलोमीटर दूर शहडोल किया ट्रांसफर

देवास। धार जिले के पीथमपुर सेक्टर-3 निवासी अजय कश्यप पिछले एक वर्ष से अपनी 7 वर्षीय बेटी इशिता को पाने के लिए दर-दर की ढोकरे खा रहा है। पीडित पिता ने कुछ माह पूर्व देवास पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी पत्नी रानी कहार का 31 अक्टूबर 2024 को कैंसर से निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद वे अपने दो बच्चों बेटे अर्नव (14 वर्ष) और बेटी इशिता (7 वर्ष) के साथ देवास में रह रहे थे। लेकिन 10 दिसंबर 2024 को पत्नी की बड़ी बहन संगीता कहार बच्ची को रातभर साथ रखने के बहाने घर से ले गईं और अगले दिन उसे लौटाने से मना कर दिया। एक साल बीत गया, पर मेरी बेटी अब तक नहीं लौटी। पीडित पिता अजय ने इस पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की थी। उनका आरोप है कि देवास पुलिस ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए शिकायत को गलत दिशा में मोड़ दिया। अजय के अनुसार, पुलिस ने घटना स्थल बदलते हुए पूरा मामला शहडोल जिले के अनूपपुर भेज दिया, जबकि उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह पीथमपुर (जिला धार) में रहते हैं और घटना देवास में घटी है। उन्होंने कहा मैंने अपनी शिकायत में साफ लिखा था कि घटना देवास की है, फिर भी पुलिस ने उसे 700 किलोमीटर दूर शहडोल ट्रांसफर कर दिया। अजय ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा शुरू से ही मामले में टालम टोली की जाकर मेरा सहयोग नहीं किया जा रहा है। यदि पुलिस चाहती तो मुझे मेरी बेटी कभी की दिला सकती थी। यह भी बताया कि 7 अक्टूबर को सिटी कोतवाली देवास से एसआई रमादीप मैडम का फोन आया था और अगले दिन, यानी 8 अक्टूबर को, उन्होंने कोतवाली जाकर अपने बयान दर्ज कराए। बावजूद इसके, अब तक उनकी बेटी नहीं मिली। अजय कश्यप ने पुलिस अधीक्षक देवास से मांग की है कि उनकी बच्ची को जल्द से जल्द बरामद कर उन्हें सौंपा जाए और जिन लोगों ने उन्हें धमकाया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वे झगड़ा नहीं चाहता, बस अपनी बच्ची को घर लाना चाहता हूँ। हर जगह शिकायत की थाने से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक लेकिन आज भी मेरी इशिता मुझसे दूर है। पीडित पिता ने प्रशासन से अपील की है कि पीडित पिता को न्याय मिले और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

Related Articles

Back to top button