उज्जैन रोड पर कटे पेड़ों की 150 टन से अधिक लकडिय़ों का हिसाब कहां?

एल्डरमैन संतोष वर्मा ने नगर निगम आयुक्त से की जांच की मांग, मुक्तिधाम पहुंचाने की भी उठाई आवाज,
देवास। उज्जैन रोड से नागूखेड़ी बायपास तक सडक़ चौड़ीकरण के दौरान काटे गए पेड़ों से प्राप्त लकडिय़ों की मात्रा और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम एल्डरमैन संतोष वर्मा ने इस मामले में शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त के नाम आवेदन देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा लकडिय़ों का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने अनुमान जताया है कि करीब 150 टन से अधिक लकडिय़ों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
संतोष वर्मा ने आवेदन में उल्लेख किया कि सडक़ चौड़ीकरण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्हें मौके पर कटे पेड़ों के ठूंठ, लकडिय़ों और डालियों के अवशेष दिखाई दिए। इस संबंध में जब उन्होंने मौके पर मौजूद ठेकेदार के इंजीनियर अभिषेक यादव से लकडिय़ों की स्थिति और उनके रख-रखाव के बारे में जानकारी मांगी, तो करीब तीन घंटे इंतजार करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। वर्मा के अनुसार, उन्होंने यह जानकारी जुटाने का भी प्रयास किया कि चौड़ीकरण के दौरान काटे गए पेड़ों की लकडिय़ां देवास मुक्तिधाम पहुंचाई गई हैं या नहीं। आवेदन में उन्होंने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार लकडिय़ां मुक्तिधाम तक नहीं पहुंची हैं। ऐसे में लकडिय़ों की वास्तविक मात्रा, परिवहन, भंडारण और वर्तमान स्थिति की जांच आवश्यक है। एल्डरमैन संतोष वर्मा ने आयुक्त से मांग की है कि चौड़ीकरण के दौरान काटे गए पेड़ों की कुल संख्या और उनसे प्राप्त लकडिय़ों की मात्रा का रिकॉर्ड जुटाया जाए। साथ ही, संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों से परिवहन एवं भंडारण संबंधी अभिलेख लेकर जांच कराई जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि नियमानुसार देवास मुक्तिधाम पहुंचाई जाने वाली लकडिय़ों को वहां पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका उपयोग अंतिम संस्कार जैसे आवश्यक कार्यों में किया जा सके। वर्मा ने नगर निगम आयुक्त से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और कार्रवाई से अवगत कराने का आग्रह किया है।
































