ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के तहत टोंक खुर्द में विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम संपन्न

देवास। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, जिला देवास के विकासखंड टोंक खुर्द द्वारा ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन ग्राम जमोनिया स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, वहीं विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को जीवंत बनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक डॉ. श्रीमती सुप्रिती यादव उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच राजेंद्र जी आर्य, भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष माखन सिंह गुर्जर, विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील जी मंडलोई सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मुख्य उद्बोधन में डॉ. सुप्रिती यादव ने ग्रामोदय से अभ्युदय – अयोध्या अभियान को सफल बनाने हेतु आवश्यक रणनीति, सामुदायिक सहभागिता एवं नवांकुर संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास तभी सशक्त होगा जब समाज, विद्यालय, युवा वर्ग और सामाजिक संस्थाएँ मिलकर समन्वित प्रयास करें। मंडल अध्यक्ष माखन सिंह गुर्जर ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरणादायी जीवन, युवाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। वहीं राजेंद्र आर्य ने शिक्षा के महत्व और सामाजिक नेतृत्व क्षमता के विकास पर उपयोगी विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन एवं विचारों पर आयोजित परिचर्चा में सक्रिय भागीदारी की। छात्राओं द्वारा बनाई गई पर्यावरण विषयक रंगोली विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन पपलेश जोशी ने किया, जबकि अंत में परामर्शदाता हरलाल पारसनिया द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर विकासखंड टोंक खुर्द के ब्लॉक समन्वयक राजेश सिसोदिया, नवांकुर संस्था के अध्यक्ष, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य, परामर्शदाता एवं संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पपलेश जोशी, हरलाल पारसनिया एवं सुरेश आर्य की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।














