विकास से वंचित देवास! न मेडिकल कॉलेज, न इंजीनियरिंग कॉलेज, न मेट्रो, राष्ट्रपति व मुख्य सचिव से की गई हस्तक्षेप की मांग
देवास। औद्योगिक नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले देवास जिले में बुनियादी सुविधाओं और बड़ी शासकीय योजनाओं के अभाव को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमनगर पार्ट 2 निवासी गोपाल अग्रवाल ने माननीय राष्ट्रपति महोदय एवं मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि देवास का एम.जी. अस्पताल पूरी तरह से मरीजों को रिफर करने वाला केंद्र बन गया है, जिससे आम जनता को इंदौर और भोपाल की ओर भटकना पड़ रहा है। जिले में न तो शासकीय मेडिकल कॉलेज है, न इंजीनियरिंग कॉलेज और न ही विश्वविद्यालय की कोई ठोस योजना धरातल पर दिखाई दे रही है। श्री अग्रवाल ने बताया कि शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं इंजीनियरिंग कॉलेज देवास की स्थापना के लिए तत्कालीन कलेक्टर द्वारा शासन स्तर पर पत्र भेजा गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद यह प्रस्ताव आज तक लंबित है। रेल सुविधाओं को लेकर भी पत्र में अहम सुझाव दिए गए हैं। देवास रेलवे स्टेशन शहर से काफी दूर होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इंदौर-देवास आने-जाने वालों की सुविधा के लिए केला माता मंदिर रोड की ओर एक नया प्लेटफॉर्म एवं पहुंच मार्ग बनाया जा सकता है। इसके साथ ही वर्तमान देवास स्टेशन को देवास-इंदौर मार्ग की ओर विस्तारित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके अलावा इंदौर–बुधनी रेल लाइन को देवास–हाटपिपलिया होकर जोड़ने का सुझाव दिया गया है, जिससे शासन को इंदौर से देवास तक तैयार रेल कॉरिडोर मिल सकता है। इससे लगभग 700 से 800 करोड़ रुपये की बचत संभव है और भूमि अधिग्रहण का मुआवजा भी नहीं देना पड़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि देवास की जनता मौन है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव लगातार महसूस किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन से देवास को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।














