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सडक़ों पर गाय मर रहीं, लेकिन कुत्ते लोगों के बेडरूम तक पहुंच गए, कम्प्यूटर बाबा पहुंचे देवास

– कम्प्यूटर बाबा ने गौरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार पर साधा निशाना, बोले- यहां गायों की हालत कुत्तों से भी बदतर
– मोदी जी सनातनी हैं और मोहन यादव यदुवंशी हैं, फिर भी गोमाता की स्थिति खराब है
देवास।
 कम्प्यूटर बाबा साधु संतो के साथ अल्प प्रवास के दौरान बुधवार को देवास के सयाजी द्वार के पास स्थित लाल गेट के राजा संस्था सिद्धी विनायक गणेश मंदिर परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने दर्शन के बाद परिसर में गौमाता के लिए भीख मांगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि 14 अक्टूबर को हजारों गोमाता के साथ उनके आवास पर पहुंचेंगे। कम्प्यूटर बाबा के नाम से मशहूर मध्यप्रदेश के धार्मिक नेता नामदेव दास त्यागी ने बुधवार को गौरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया और दावा किया कि राज्य में गायों की हालत कुत्तों से भी बदतर हो गई है। कंप्यूटर बाबा ने बताया कि संत समुदाय अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक गौ माता न्याय यात्रा निकालने जा रहे है और हजारों गायों के साथ नर्मदापुरम से भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेगा। अपनी यात्रा के पूर्व आज 24 सितम्बर को देवास पहुंचे है। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि गोमाताओं के गले में ज्ञापन होगा। वे मध्यप्रदेश में राज्य माता का दर्जा और गो अभ्यारण्य की मांग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सडक़ों पर गोमाताएं मर रही हैं। लेकिन कुत्ते लोगों के बेडरूम तक पहुंच गए हैं। गायों से टकराकर हादसे हो रहे हैं। बाबा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास गोमाता के लिए 10 मिनट का समय नहीं है। कई आवेदन देने और मिलने का अनुरोध करने के बावजूद उन्होंने समय नहीं दिया। साधु संतों की टोली ने दुकानों पर घूमकर भिक्षा मांगी और भजन कीर्तन किया। कंप्यूटर बाबा ने प्रदेश में बूचडख़ानों की संख्या बढऩे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10-11 नए बूचडख़ाने खुल गए हैं। आने वाली पीढिय़ां टिकट लेकर गोमाता को देखने आएंगी। मोदी जी सनातनी हैं और मोहन यादव यदुवंशी हैं, फिर भी गोमाता की स्थिति खराब है। यात्रा के दौरान बाबा के साथ आए संतो ने मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधने वाले भजन भी सुनाएं। बाबा ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकारी अनदेखी के कारण गायें सडक़ों पर तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। 

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