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नापाखेड़ी में शासकीय भूमि पर अवैध विक्रय और कब्जों का आरोप,

देवास। तहसील एवं जिला मुख्यालय से सटे ग्राम नापाखेड़ी में शासकीय भूमि पर अवैध विक्रय और कब्जों के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी निलेश पिता राधेश्याम ने जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि ग्राम की शासकीय एवं चरनोई भूमि को आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे को अवैधानिक रूप से बेचा जा रहा है, बावजूद इसके प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम नापाखेड़ी स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 494/2, पटवारी हल्का नंबर 72 पर पूर्व सरपंच दिनेश पिता अम्बाराम द्वारा अनोखीलाल पिता अम्बाराम को तथा बाद में अनोखीलाल द्वारा रामबगस पिता राधाकिशन को अवैधानिक रूप से विक्रय कर दी गई। जबकि उक्त भूमि शासकीय मद में दर्ज है और चरनोई भूमि होने के कारण इसका विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त, सर्वे नंबर 465/1 पर बालु पिता सीताराम द्वारा अवैधानिक कब्जा कर मकान निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि संबंधित व्यक्ति अन्य ग्राम का निवासी है, फिर भी नापाखेड़ी की भूमि पर अतिक्रमण कर रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि श्याम पिता मांगीलाल एवं मांगीलाल पिता मोतीराम द्वारा ग्राम में तीन स्थानों पर कब्जा किया गया है। इनमें से एक स्थान पर सड़क पर मुरम डालकर रास्ता अवरुद्ध किया गया है, जिससे कभी भी जनहानि की आशंका बनी हुई है। साथ ही आरोप है कि ये व्यक्ति आए दिन झूठी शिकायतें कर ग्रामीणों को परेशान करते रहते हैं। एक अन्य मामले में सर्वे नंबर 462 पर राधेश्याम मनोहर पिता घासीराम द्वारा गांव के बीचोंबीच अवैधानिक रूप से घुड़ा (पशु बाड़ा) बनाए जाने और मल-मूत्र फैलाकर गंदगी करने की बात कही गई है, जिससे गांव में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। प्रार्थी ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर शासकीय भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

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