देवास सडक़ों पर भटक रहे अनगिनत गौवंश की हालत नाजुक, समय पर उपचार से बची जान,

देवास। जिले में गौवंश की स्थिति दिन-ब-दिन दयनीय होती जा रही है। गौपालकों की अनदेखी और लापरवाही के चलते कई गौमाता सडक़ों पर दर-दर भटकती नजर आ रही हैं, जो न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं, बल्कि स्वयं भी जानलेवा परिस्थितियों का शिकार हो रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को विजयनगर स्थित माँ गायत्री मंदिर के पास एक गौमाता गंभीर अवस्था में घायल पाई गई। इसकी सूचना मिलते ही राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी गौ रक्षा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि सांगते भय्याजी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और घायल गौ माता को तत्काल पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया। पशु चिकित्सक के अनुसार, गौ माता ने कोई विषाक्त या अनुपयुक्त वस्तु खा ली थी, जिससे उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। डॉक्टर ने बताया कि यदि 15 मिनट की भी देरी होती, तो उसकी मृत्यु हो सकती थी। श्री सांगते ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले सहित पूरे प्रदेश में कई गौपालक उपयोग के बाद गौवंशों को सडक़ों पर छोड़ देते हैं, जिससे वे भटकते रहते हैं और कभी-कभी दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने सभी गौपालकों से अपील की कि वे अपने गौवंश की उचित देखरेख करें और यदि पालन में असमर्थ हैं, तो उन्हें सुरक्षित रूप से गौशालाओं में छोड़ा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भटकते गौवंश के संबंध में गौपालक की जानकारी मिलती है, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की करवाई जाएगी। श्री सांगते ने कहा कि समाज को मिलकर गौमाता की रक्षा और सेवा करनी होगी। यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है।















