देवास प्रेम नगर में बदहाल सड़कों, जलजमाव व खतरनाक टर्निंग पॉइंट्स से नागरिक परेशान, मानव अधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन,

देवास। नगर निगम देवास क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 22, प्रेम नगर पार्ट-2 समेत आसपास के इलाकों में गंभीर अव्यवस्थाओं के चलते स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता व प्रेम नगर पार्ट 2निवासी गोपाल अग्रवाल ने मानव अधिकार आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली को पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। श्री अग्रवाल द्वारा भेजे गए ज्ञापन में नागरिकों की समस्या दर्शाते हुए पत्र में उल्लेख किया कि प्रेम नगर पार्ट-2 से कबीट वाले बाबा तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर पाइपलाइन कार्य के कारण सड़क पर गहरा और लंबा गड्ढा बन गया है, जिससे टू-व्हीलर वाहन चालकों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। वहीं सामने बना नाला बेहद संकरा है, जिसे चौड़ा नहीं किया गया तो बारिश के समय यह गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। कबीट बाबा से प्रेम नगर पार्ट-1 तक का पूरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जहां लगातार पानी भरने से रास्ता दिखाई नहीं देता, जिससे आने-जाने वाले नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जमुना बिहार गेट और रुद्राक्ष गेट के सामने की सड़क की हालत भी गंभीर है। वहाँ निकलने के लिए मात्र 2 फीट का रास्ता बचा है, बाकी सड़क पूरी तरह गड्ढों में समा गई है, और चैंबर भी ओवरफ्लो होकर बरसात के पानी में बह रहा है।माध्यमिक शाला, जवाहर नगर में कक्षा-कक्ष के पीछे झाड़ियों और जंगल जैसा माहौल बन गया है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं के आने का खतरा बना रहता है। श्री अग्रवाल ने मांग की है कि नगर निगम इस पर संज्ञान लेकर समुचित सफाई अभियान चलाए। कृष्णा डेयरी के पास टर्निंग पॉइंट पर एक क्षतिग्रस्त चैंबर बना हुआ है, जो कभी भी दुर्घटना को जन्म दे सकता है। प्रेम नगर पार्ट-2 और राधा नगर पार्ट-2 के गार्डन के अंदर एक अनुपयोगी पानी की टंकी स्थित है जो जर्जर स्थिति में है और दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है। इसे तत्काल हटाने की आवश्यकता है। सबसे गंभीर मामला प्रेम नगर पार्ट-2 की पानी की टंकी के पास एवं गार्डन गेट के समीप टर्निंग पॉइंट पर स्थित एक विद्युत पोल का है, जो मार्ग को पूरी तरह बाधित करता है। इस पोल को हटाने का प्रकरण लंबे समय से नगर निगम में स्वीकृति के बावजूद लंबित पड़ा है, जबकि वहां से आवागमन का अत्यधिक दबाव रहता है। श्री अग्रवाल ने सभी समस्याओं को मानव अधिकार उल्लंघन करार देते हुए कहा है कि स्थानीय शासन एवं प्रशासन यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाते, तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने मानव अधिकार आयोग व नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता में लेते हुए संबंधित इंजीनियर, वार्ड प्रभारी और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।














