देवास अवंतिका मेघा फूड कंपनी में आदिवासी मजदूरों के साथ अन्याय का आरोप
देवास। शहर के बिजना स्थित अवंतिका मेघा फूड कंपनी में आदिवासी मजदूरों के साथ अन्याय का मामला सामने आया है। कंपनी के ठेकेदार विपुल ने मजदूरों को काम देने के नाम पर 96 हजार रुपये मांगने पर गुंडों से मारपीट की और पुलिस ने कार्यवाही करने से इंकार कर दिया। पीडि़त आदिवासी पूंजीलाल पिता मांगू लाल निवासी पाटन जिला बांसवाड़ा राजस्थान ने बताया कि वह अपने साथ 32 श्रमिकों को लेकर अवंतिका मेघा फूड्स कंपनी में काम करने आया था। कंपनी में काम करने के बाद मजदूरी के 1 लाख 48 हजार रुपये का हिसाब हुआ, जिसमें से मात्र 54 हजार रुपये का भुगतान किया गया। शेष राशि देने में ठेकेदार आनाकानी करने लगा और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई।
इसके बाद पीडि़त आदिवासी परिवार को कंपनी से निकाल दिया गया और उनका सामान सडक़ पर फेंक दिया गया। पीडि़त परिवार भूखे प्यासे भटकर राजस्थान गया। सामाजिक संस्था नेशनल यूनिटी ग्रुप ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और पीडि़त आदिवासियों के साथ हुई घटना की जांच की मांग की। संस्था के संस्थापक अनिल सिंह ठाकुर ने बताया कि पीडि़त आदिवासियों के साथ हुई घटना की सूचना मिलने पर उन्होंने अन्य साथियों के साथ एचआर प्रमुख नितिन ताम्रकार से मुलाकात की। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नेशनल यूनिटी ग्रुप के श्री ठाकुर, सुनीलसिंह ठाकुर, हटेसिंह दरबार, खुमान सिंह बैस, ठाकुर प्रकाश सिंह मामा, जयसिंह ठाकुर, सुनील वर्मा, लक्ष्मण सिंह ठाकुर, रवि ठाकुर, जितेन्द्र मारु, रफीक पठान, सुभाष वर्मा, गुड्डू मसाले वाला आदि ने जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद से मांग की है कि आदिवासियों के साथ हुई घटना की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए और पीडि़तों को न्याय दिलाया जाए।















