जिला पंचायत सीईओ ने मीडिया संवाद में “विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025” की दी जानकारी,

125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, समय पर मजदूरी और पारदर्शिता को मिलेगा बल
देवास, 27 फरवरी 2026/
भारत सरकार के राष्ट्रीय विज़न विकसित भारत @ 2047 के परिप्रेक्ष्य में लागू विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) के प्रावधानों को लेकर जिला पंचायत देवास के सभा कक्ष में मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मीडिया संवाद में जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, कानूनी अधिकारों एवं इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि VB-G RAM G अधिनियम-2025 के तहत ग्रामीण परिवारों को अब प्रतिवर्ष 100 के स्थान पर 125 दिवस का गारंटीकृत रोजगार प्रदान किया जाएगा। अधिनियम का उद्देश्य बेहतर ग्रामीण बुनियादी ढांचा, समय पर मजदूरी भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि—
ग्राम सभाओं को योजना निर्माण में सशक्त बनाया गया है समय पर भुगतान अनिवार्य होगा, विलंब होने पर मुआवजे का प्रावधान रीयल-टाइम MIS डैशबोर्ड, GPS मॉनिटरिंग एवं सोशल ऑडिट से पारदर्शिता जल सुरक्षा, आजीविका अवसंरचना, आपदा-सुरक्षा एवं ग्रामीण कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस
कृषि सीजन में कार्य-विराम का प्रावधान
अधिनियम के अंतर्गत कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई) के दौरान एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्यों के लिए श्रम उपलब्धता बनी रहे।
चार प्राथमिक कार्य क्षेत्र
रोज़गार सृजन को चार प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा गया है—
जल सुरक्षा – नहर, चेक डैम, तालाब पुनरुद्धार, वनीकरण ग्रामीण अवसंरचना – ग्रामीण सड़कें, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आजीविका अवसंरचना – ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, SHG वर्कशेड, डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर आपदा एवं चरम मौसम प्रबंधन – बाढ़/चकवात आश्रय स्थल, तटबंध, वनाग्नि प्रबंधन
डिजिटल और जवाबदेह व्यवस्था
15 दिवस में कार्य उपलब्ध न होने पर बेरोजगारी भत्ता कम से कम 50% कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित सामाजिक अंकेक्षण प्रत्येक 6 माह में अनिवार्य डिजिटल उपस्थिति, आधार-आधारित भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण AI आधारित निगरानी प्रणाली का प्रावधान
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि यह अधिनियम ग्रामीण आय वृद्धि, जल संरक्षण, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को एक अवसंरचना-केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी ढांचे में पुनर्गठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

















