देवास नागदा सोसायटी के अंतर्गत सरकारी तुलाई केंद्र बना अवैध वसूली का अड्डा — ग्राम सिया में खुलेआम लूटे जा रहे किसान- जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि और किसान नेता चौधरी पहुंचे तुलाई केन्द्र पर

देवास। जिले में जिला प्रशासन की लापरवाही और अधिकारियों की मिलीभगत ने किसानों की कमर तोड़ दी है। नागदा सोसायटी के अंतर्गत ग्राम सिया स्थित सरकारी तुलाई केंद्र अब किसानों के लिए बोझ बन चुका है, जहां तुलाई के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार, तुलाई केंद्र के प्रबंधक रमेश नागर और कर्मचारी रमेश पटेल द्वारा किसानों से 500 से 1000 रूपए तक की जबरन वसूली की जा रही है। यह पूरा प्रकरण सरकारी नियमों और किसान हितों के खिलाफ है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
शिकायत मिलने पर पहुंचे किसान नेता रविन्द्र चौधरी
जब यह मामला जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि और किसान नेता रविन्द्र चौधरी के संज्ञान में आया, तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से संवाद कर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। किसानों ने बताया कि जब तक पैसा नहीं दिया जाता, तब तक तुलाई नहीं की जाती – जिससे मजबूरन उन्हें वसूली चुकानी पड़ती है। श्री चौधरी ने तत्काल डीआरसी प्रमोद आनंद को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया और तुरंत कार्रवाई की मांग की। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अधिकारी को जानकारी देने के बावजूद अवैध वसूली जारी रही।
किसानों की मेहनत का ये अपमान सहन नहीं होगा- रविन्द्र चौधरी
श्री चौधरी ने कहा, यह सिर्फ किसानों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरी सरकारी व्यवस्था पर तमाचा है। अगर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो हम किसानों के साथ सडक़ पर उतरेंगे और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी करेंगे।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
यह कोई पहला मामला नहीं है। जिले के अन्य तुलाई केंद्रों से भी इस तरह की शिकायतें आती रही हैं, मगर जिला प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब पूरा सवाल यह है कि क्या प्रशासन दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेगा या फिर एक बार फिर किसानों को अन्याय का शिकार होना पड़ेगा?















