अब कलेक्टर की इजाजत के बगैर नहीं लग सकते नेताओं और कोई भी आयोजनों के होर्डिंग्स, हाईकोर्ट ने जारी किए आदेश,

देवास। शहर को गंदा करने वाले होर्डिंग्स पर हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं। नेताओं को बधाई देने वाले, राजनीतिक पार्टियों के आयोजनों के होर्डिंग्स आदि लगाने के लिए कलेक्टर की इजाजत जरूरी है। इसके साथ ही यदि कोई बगैर इजाजत के यूनिपोल पर होर्डिंग्स लगाता है तो उस पर भी सूचना मिलने के 24 घंटे में कार्रवाई की जानी चाहिए। यह आदेश मप्र हाईकोर्ट की जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने दिया है।
अभिभाषक मुदित माहेश्वरी ने बताया कि आउटडोर मीडिया कंपनी स्टार एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री एवं शुक्ला पब्लिसिटी की ओर से देवास नगर निगम के खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। इसमें बताया कि उन्होंने इजाजत लेकर यूनिपोल लगाए हैं, उन पर जबरदस्ती अन्य लोग विज्ञापन लगा देते हैं, जिसके खिलाफ शिकायत के बाद भी नगर निगम कार्रवाई नहीं करता है।
कोर्ट में पेश किया प्रमुख सचिव का पत्र
कोर्ट में प्रमुख सचिव शहरी विकास और आवास का पत्र भी पेश हुआ था, जिसमें उन्होंने किसी भी तरह के होर्डिंग्स लगाने के लिए कलेक्टर की पहले इजाजत लेने का उल्लेख किया है। कोर्ट ने इन सभी पहलुओं को देखने के बाद नगरीय निकायों को आदेश दिया है कि वे 1 नवबंर 2019 को जारी प्रमुख सचिव के आदेश का पालन करें। साथ ही पूर्व में हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश, जिनमें अवैध तरीके से लगे विज्ञापनों और उन्हें लगाने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर 24 घंटे में कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
प्रमुख सचिव ने ये लिखा था पत्र में
भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से लगने वाले राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक आदि श्रेणी के होर्डिंग्स बगैर जिला कलेक्टर की अनुमति के नहीं लगेंगे। इसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष, दौरे पर आए गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न श्रेणी के धार्मिक विज्ञापन, क्षेत्रीय और अन्य समस्त जनप्रतिनिधियों के विज्ञापन संदेश शामिल रहेंगे तथा बगैर अनुमति नहीं लग सकेंगे। अगर इनका उल्लंघन कर कोई विज्ञापन लगाया जाता है तो नियमों में उल्लेखित प्रावधानों के तहत अर्थदंड एवं आरोपित कर हटाने की कार्रवाई की जाए। नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार होंगे एवं लापरवाही पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
















