महाराष्ट्र से इंदौर भेजी गई 42 टन शक्कर की अमानत में खयानत का देवास पुलिस ने किया बड़ा खुलासा,

अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार, 21.9 टन शक्कर सहित 4 लाख रुपये नकद बरामद
देवास। महाराष्ट्र के बारामती एग्रो प्राइवेट लिमिटेड से इंदौर के पाल्दा स्थित गोडाउन के लिए भेजी गई 42 टन शक्कर की अमानत में खयानत के मामले का देवास पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को कानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
30 जुलाई 2026 को 840 बोरी शक्कर, जिसकी कीमत करीब 18.32 लाख रुपये थी, ट्रक क्रमांक UP53ET6084 से महाराष्ट्र से इंदौर भेजी गई थी। निर्धारित स्थान पर वाहन और शक्कर नहीं पहुंचने तथा चालक का मोबाइल बंद मिलने पर थाना औद्योगिक क्षेत्र, देवास में अपराध क्रमांक 704/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस ने CCTV फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और साइबर तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि मूल ट्रक पाल नगर टोल से गुजरने के बाद UP58T9506 नंबर प्लेट के साथ दिखाई दिया। नंबर प्लेट बदलकर वाहन की पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश होते हुए उत्तरप्रदेश के कानपुर तक पहुंची।
12 अगस्त को कानपुर क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने अनुज सिंह (24), निवासी ग्राम कोटड़ा, जिला जालौन; गोविंद औमर (34) और विशाल साहू (19), निवासी मुसानगर, कानपुर देहात को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से 438 बोरी यानी 21.9 टन शक्कर बरामद की गई। साथ ही 4 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए।
जब्त सामग्री
- 438 बोरी शक्कर — 21.9 टन
- टाटा सिग्ना 22 टायर ट्राला
- अशोक लीलैंड मिनी ट्रक
- महिंद्रा स्कॉर्पियो
- फर्जी नंबर प्लेट UP58T9506 एवं UP93BT5848
- 4 लाख रुपये नकद
- बोरी सिलने की मशीन
प्रकरण में पूर्व में दर्ज धारा 316(3) बीएनएस के अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर धारा 317(2), 318(4), 319(2), 111(4) एवं 61(2) बीएनएस का इजाफा किया गया है।
विवेचना में उपेन्द्र भदौरिया निवासी ग्राम कुढ़वा, गजनेर, कानपुर की भूमिका मुख्य सरगना के रूप में सामने आई है। वहीं गौरव सिंह, मोहित सिंह एवं अभय सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
सराहनीय योगदान: निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, उनि गौरव नगावत, सउनि हितेन्द्र चंद्रवंशी, प्रआर सुरेश धाकड़, आरक्षक अर्पित जायसवाल एवं साइबर सेल देवास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




























