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देवास फार्मास्युटिकल क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, डॉ. अनिरुद्ध अरुण पड़ियार को पी-एच.डी. उपाधि,

देवास के शोधार्थी डॉ. अनिरुद्ध अरुण पड़ियार को मध्यप्रदेश की राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय (RGPV) द्वारा फार्मास्युटिकल साइंसेज में पी-एच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है। यह शोध डॉ. राजेश कुमार माहेश्वरी के निर्देशन में ‘मिक्स्ड सॉल्वेंसी’ सिद्धांत पर आधारित है। उल्लेखनीय है कि यह शोध पूरी तरह स्व-वित्तपोषित रहा।

शोध में डिक्लोफेनाक, नेप्रोक्सन एवं पाइरोक्सिकैम जैसी कम घुलनशील दवाओं की घुलनशीलता को कैफीन एवं नियासिनैमाइड जैसे सुरक्षित तत्वों के मिश्रण से कई गुना बढ़ाने की तकनीक विकसित की गई है। साथ ही इंजेक्शन की ओस्मोलैरिटी को लगभग 1500 mOsmol/kg से घटाकर 500 mOsmol/kg तक नियंत्रित किया गया है, जिससे इंजेक्शन कम दर्दनाक और अधिक सुरक्षित होंगे।

आधुनिक परीक्षण तकनीकों से दवा की संरचना की शुद्धता की पुष्टि की गई तथा पशु-अध्ययन में दवा के बेहतर अवशोषण और लंबे समय तक प्रभावी रहने के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। विशेषज्ञों ने इस शोध को भविष्य में सस्ती, सुरक्षित एवं प्रभावी दवाओं के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने डॉ. पड़ियार को बधाई दी है।

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