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देवास में नए लेबर लॉ के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल, बैंकिंग-परिवहन सेवाएं प्रभावित,

देवास। केंद्र सरकार की श्रम, कृषि और आर्थिक नीतियों के विरोध में गुरुवार को 10 से अधिक प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने सिविल लाइन चौराहा स्थित एलआईसी क्रमांक-2 के सामने संयुक्त रूप से कामबंद हड़ताल कर प्रदर्शन किया। दो घंटे से अधिक चले इस आंदोलन में आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए और चार नए श्रम कानूनों के विरोध में नारेबाजी की।

प्रदर्शन में पूर्व महापौर ठाकुर जयसिंह ने भी पहुंचकर कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियां श्रमिक हितों और कार्यस्थल की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं, जिससे कर्मचारी वर्ग अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहा है।

इस दौरान इंटक संगठन मंत्री लाखनसिंह ठाकुर, कैलाश वर्मा, दिलीप परमार, मकसूद पठान, शंकरलाल चौधरी, जेएस जाधव, पंजाबराव काले, मोहन जोशी और मोरसिंह राजपूत सहित कई वक्ताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

मुख्य मांगें

चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड) व संबंधित नियमों को वापस लिया जाए ड्राफ्ट सीड बिल वापस लिया जाए बिजली संशोधन विधेयक निरस्त किया जाए न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़े कानून वापस हों मनरेगा की बहाली की जाए ग्रामीण रोजगार व आजीविका से जुड़े नए प्रावधान रद्द किए जाएं

हड़ताल के कारण शहर में बैंकिंग, बीमा और परिवहन सेवाओं पर आंशिक असर देखा गया। यूनियनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में भारत बंद जैसे बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

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