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बंधक जमीन बेची, अवैध नामांतरण – मामला पहुँचा पुलिस तक,

बीओआई टोंकखुर्द शाखा में केसीसी लोनधारकों की बड़ी धोखाधड़ी

देवास। बैंक ऑफ इंडिया की टोंकखुर्द शाखा में किसानों द्वारा करोड़ों के धोखाधड़ी कांड का खुलासा हुआ है। कृषि केसीसी ऋण लेने वाले कई किसानों ने बैंक के पास गिरवी रखी भूमि को अन्य व्यक्तियों को बेचकर अवैध रूप से नामांतरण करा लिया। बैंक की अधिकृत वसूली एजेंसी व विशेष जांच दल (ठा. हेमंतसिंह चौहान, देवास एवं राजेश रामानी, उज्जैन) ने मामले की परतें खोलीं, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने तुरंत ही मामला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। जाँच में मोकमसिंह पिता सोरमसिंह – बकाया ₹4.41 लाख, भूमि खरीदार: उदय सिंह पिता रामसिंह। 

  ठाकोरसिंह पिता बंशीलाल – बकाया ₹1.46 लाख, भूमि खरीदार: संजरसिंह, जगदीश, कुंताबाई। 

   प्रेमसिंह पिता विश्रामसिंह – बकाया ₹4.29 लाख, भूमि खरीदार: बबिताबाई, सूरजसिंह।

  अनूपसिंह पिता सजनसिंह व इंदरबाई – बकाया ₹4.81 लाख, भूमि खरीदार: बाबूलाल, मानसिंह।

    इंदरसिंह, सुगनसिंह, भगवानसिंह व शांताबाई – बकाया ₹4.27 लाख, भूमि खरीदार: कविताबाई, घिसौबाई का नाम उजागर हुआ है।

बैंक का रुख

      बैंक प्रबंधन ने इसे अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की श्रेणी में मानते हुए कहा है कि बंधक भूमि की बिक्री शून्य घोषित की जाए। अवैध नामांतरण निरस्त किया जाए। अन्य ऋणियों की संपत्तियों की भी जाँच हो। टोंकखुर्द थाना पुलिस की विशेष सहयोग से यह मामला तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पूर्व में भी बैंक की शिकायतों पर पुलिस द्वारा बंधक संपत्ति वापस लाने की कार्रवाई की गई थी। बैंक प्रबंधन ने पुलिस के प्रयासों की सराहना की है। लोकधन की सुरक्षा (पब्लिक मनी इंटरेस्ट) के लिए बैंक ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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